यौ भोला बाबा!
अप्पन देशक हाल देखू,
शासन केर कमाल देखू।
बेसी लोक भूखल सूतय,
संतति अछि बेहाल देखू।
करियौ दुख सभक दूर।।
यौ भोला बाबा -----
धनिक बनय लऽ मचल ठेलमठेल।
रातियो इजोरिया, अन्हरिया भेल।
बहुजन आय बनल मजदूर।।
यौ भोला बाबा -----
भेल निपत्ता मीठगर बोल।
बूढ़ पुरानक नहि कोनो मोल।
वृद्धाश्रम जाय लऽ भेल मजबूर।।
यौ भोला बाबा -----
पसरल सुमन यै घर घर शोक।
एक दोसर केँ मारय लोक।
बचत कोना माथक सिंदूर।।
यौ भोला बाबा -----