Wednesday, September 23, 2026

अहि बेर हमरे दियऽ वोट!

अहि बेर हमरे दियऽ वोट।
बाकी प्रत्याशी मे देखियौ, कतेक भरल अछि खोट।।

घर-घर बिजली, सड़क बनायब, शिक्षा करब प्रमोट।
स्वर्ग - लोक सन गाम  बनायब, करियौ हमर सपोर्ट।।
अहि बेर हमरे -----

जनसेवा के  प्रण  हम लेलहुँ, बान्हल  अपन  लंगोट।
आन कियो केर जीत भेल तऽ, मचतय, लूट-खसोट।।
अहि बेर हमरे -----

आमजनक  सेवा   केलहुँ  पर,  खेलहुँ   अगबे  चोट।
ओहि  चोटक बदला मे कहियो, भेटल नहि अखरोट??
अहि बेर हमरे -----

सड़क  छोट पर पानि जाम अछि, मन मे सुमन कचोट।
पहिने की की काज भेल अछि, सब किछु करियौ नोट।।
अहि बेर हमरे -----

Wednesday, September 9, 2026

जागू ने आब जगब कहिया?

कहिया तक  इतिहासक  वाचन, जागू ने आब जगब कहिया 
संकट  मे  आयल  जन - जीवन, जागू  ने आब जगब कहिया 

भोजन, शिक्षा, रोजगार बिना, कहू वेद - पुराणक पाठ कोना
भूखल  जन  कोना करत भजन, जागू ने आब जगब कहिया 

अछि  अस्पताल  बीमार  जेहेन,  ओहने  विद्यालय  सरकारी 
नित देखि रहल  ई सभक  नयन, जागू ने आब जगब कहिया 

दुनिया मे  सगरो  ताकब  तेँ, मिथिला, भारत  के  लोक भेटत 
भागल  प्रतिभा  सब छोड़ि वतन, जागू ने आब जगब कहिया

नित परम्परा के मान करैत, पथ प्रगति के नहि छोड़ब कहियो 
तखने टा  विहँसत चमन - सुमन, जागू  ने आब जगब कहिया 

Saturday, February 14, 2026

करियौ दुख सभक दूर

यौ भोला बाबा!
अप्पन देशक हाल देखू, 
शासन केर कमाल देखू।
बेसी लोक भूखल सूतय, 
संतति अछि बेहाल देखू।
करियौ दुख सभक दूर।।
यौ भोला बाबा -----

झट सँ धनिक बनी तकरे खेल।
राति इजोरिया, अन्हरिया भेल।
बहुजन आय बनल मजदूर।।
यौ भोला बाबा -----

भेल  निपत्ता  मीठगर  बोल।
बूढ़ पुरानक नहि कोनो मोल।
वृद्धाश्रम  जाय भऽ मजबूर।।
यौ भोला बाबा -----

सुमन छै पसरल घर घर शोक।
एक  दोसर  केँ  नोचय  लोक।
बचत कोना माथक सेनूर।।
यौ भोला बाबा -----