बाकी प्रत्याशी मे देखियौ, कतेक भरल अछि खोट।।
घर-घर बिजली, सड़क बनायब, शिक्षा करब प्रमोट।
स्वर्ग - लोक सन गाम बनायब, करियौ हमर सपोर्ट।।
अहि बेर हमरे -----
जनसेवा के प्रण हम लेलहुँ, बान्हल अपन लंगोट।
आन कियो केर जीत भेल तऽ, मचतय, लूट-खसोट।।
अहि बेर हमरे -----
आमजनक सेवा केलहुँ पर, खेलहुँ अगबे चोट।
ओहि चोटक बदला मे कहियो, भेटल नहि अखरोट??
अहि बेर हमरे -----
सड़क छोट पर पानि जाम अछि, मन मे सुमन कचोट।
पहिने की की काज भेल अछि, सब किछु करियौ नोट।।
अहि बेर हमरे -----
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