Saturday, February 14, 2026

करियौ दुख सभक दूर

यौ भोला बाबा!
अप्पन देशक हाल देखू, 
शासन केर कमाल देखू।
बेसी लोक भूखल सूतय, 
संतति अछि बेहाल देखू।
करियौ दुख सभक दूर।।
यौ भोला बाबा -----

झट सँ धनिक बनी तकरे खेल।
राति इजोरिया, अन्हरिया भेल।
बहुजन आय बनल मजदूर।।
यौ भोला बाबा -----

भेल  निपत्ता  मीठगर  बोल।
बूढ़ पुरानक नहि कोनो मोल।
वृद्धाश्रम  जाय भऽ मजबूर।।
यौ भोला बाबा -----

सुमन छै पसरल घर घर शोक।
एक  दोसर  केँ  नोचय  लोक।
बचत कोना माथक सेनूर।।
यौ भोला बाबा -----